Fed Rate Cut: 25 बेसिस पॉइंट की कटौती, लेकिन आगे का रास्ता अनिश्चित

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दिसंबर 2024 में एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती का फैसला किया है. Federal funds rate को 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 4.25% से 4.50% की रेंज में लाया गया, जो इस साल की तीसरी कटौती है. लेकिन इस बार Fed Chair Jerome Powell का रुख पहले से कुछ ज्यादा सख्त नजर आया और उन्होंने साफ कर दिया कि आगे की rate cut कोई तय बात नहीं है.

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था दो विरोधाभासी दिशाओं में खिंची हुई है – एक तरफ job market में कमजोरी के संकेत हैं, तो दूसरी तरफ महंगाई अभी भी Fed के 2% टारगेट से ऊपर बनी हुई है.

विभाजित Fed: अंदर की कहानी

Fed के अंदर तीखे मतभेद हैं. कुछ अधिकारी मानते हैं कि labor market को सहारा देने के लिए और कटौती जरूरी है, जबकि दूसरे inflation के खतरे को देखते हुए रुकने की सलाह दे रहे हैं. Fed Chair ने स्वीकार किया कि अब बढ़ती संख्या में लोग महसूस कर रहे हैं कि शायद यहीं रुकना चाहिए.

Chicago Fed के president Austan Goolsbee ने कहा कि दिसंबर की मीटिंग में जाकर उनका मन नहीं बना है. वहीं Dallas Fed की Lorie Logan और Cleveland Fed की Beth Hammack ने साफ किया कि वे अगली कटौती के खिलाफ हैं जब तक inflation में तेजी से गिरावट के सबूत न मिलें.

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Labor Market: सतह के नीचे की कहानी

सतह पर देखें तो unemployment rate अभी भी काफी कम है, लेकिन अंदर की तस्वीर चिंताजनक है. Bureau of Labor Statistics ने अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच की jobs data को 9,11,000 नीचे संशोधित किया. यानी अर्थव्यवस्था हर महीने 75,000 कम jobs बना रही थी जितना पहले बताया गया था.

Federal Reserve Bank of New York की रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी खोने वालों का भरोसा कि उन्हें दूसरी नौकरी मिलेगी, अगस्त में 44.9% तक गिर गया – यह जून 2013 से सबसे निचला स्तर है.

Goldman Sachs Research का कहना है कि job market में कमजोरी असली है और दिसंबर की मीटिंग तक हालात बेहतर होने की उम्मीद नहीं है.

आगे क्या होगा?

Fed ने अपने बयान में कहा कि economic activity ठोस गति से बढ़ती रही है, लेकिन inflation अभी भी कुछ ऊंचा बना हुआ है. Committee का मानना है कि employment और inflation दोनों लक्ष्यों को हासिल करने में जोखिम लगभग बराबर हैं.

Fed ने 2026 के लिए अपने projections में बदलाव नहीं किया और सिर्फ एक 25 बेसिस पॉइंट की कटौती का संकेत दिया. लेकिन बाजार अलग सोच रहा है – investors अगले साल लगभग दो और quarter-point cuts की उम्मीद कर रहे हैं.

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

यह एक नाजुक संतुलन का खेल है. अगर Fed rates बहुत तेजी से काटे, तो tariff-driven inflation फिर से भड़क सकती है. और अगर बहुत धीमे चले, तो कमजोर हो रहा labor market recession में बदल सकता है.

One-year Treasury yield जून से अब तक करीब 150 बेसिस पॉइंट गिर चुकी है, जो दिखाता है कि investors को 2025 और 2026 में और कटौती की उम्मीद है.

जो लोग home loans, car loans या credit card interest rates पर निर्भर हैं, उनके लिए यह अच्छी खबर हो सकती है. लेकिन जिनकी savings fixed deposits या money market funds में है, उन्हें returns में और गिरावट देखने को मिलेगी.

निष्कर्ष

Fed की यह rate cut strategy बता रही है कि central bank खुद भी अनिश्चितता में फंसा है. एक तरफ Trump administration के tariff policies inflation को ऊपर रख सकती हैं, तो दूसरी तरफ labor market लगातार कमजोर हो रहा है.

Powell का सतर्क रुख और Fed के अंदर गहरे मतभेद यह साफ करते हैं कि 2025 में monetary policy का रास्ता बेहद उबड़-खाबड़ होने वाला है. निवेशकों को हर data point पर नजर रखनी होगी, क्योंकि Fed अब पहले की तरह predictable नहीं रहा.