झांसी (उत्तर प्रदेश): झांसी जिले में 35 वर्षीय दलचंद अहिरवार की मौत जहर खाने से हो गई। मरने से पहले उन्होंने करीब दो मिनट का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें पत्नी पर बेवफाई और धोखे का आरोप लगाते हुए कहा, “मैं मरना नहीं चाहता था, लेकिन अब कोई रास्ता नहीं बचा।” इलाज के दौरान झांसी मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
परिवार के अनुसार, दलचंद हरियाणा के बहादुरगढ़ में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे और एक निजी नौकरी करते थे। उनके चचेरे भाई विनोद ने बताया कि दलचंद हाल ही में परेशान होकर झांसी लौटे थे, क्योंकि उन्हें पता चला था कि पत्नी का मकान मालिक से संबंध है। विनोद ने कहा, “पत्नी ने मकान मालिक से उनकी पिटाई करवाई और मोबाइल छीन लिया था। उन्होंने पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी थी, जिसे पत्नी बाद में बेचने की जिद कर रही थी। अपमान सहन न कर पाने की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।”
करीब 2 मिनट 3 सेकंड के वीडियो में दलचंद आंसू भरी आंखों से सीधे पत्नी से कहते हैं, “जानकी, अच्छे से देख लो, मैं हूं। तीन दिन से मरने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मौत नहीं आ रही। मरना नहीं चाहता था, बस एक बार बात कर लेतीं तो ऐसा न करता। मुझ जैसा धोखा किसी को मत देना।”
दलचंद के भाई चंद्रभान ने भी आरोप लगाया कि हाल ही में ससुराल वालों ने उन्हें धमकाया और मारा-पीटा था। उन्होंने कहा, “उसे शराब पिलाई गई और खाने में कुछ मिलाया गया। यह साफ नहीं है कि उसने खुद जहर खाया या उसे मजबूर किया गया।”
वहीं, पत्नी जानकी के भाई नंदकिशोर ने सभी आरोपों को खारिज किया और दावा किया कि दलचंद शराबी था तथा अक्सर बहन से मारपीट करता था। उनके अनुसार, “29 अक्टूबर को वह घर आया, बेटी को 50 रुपये दिए और चला गया। 31 अक्टूबर को वापस लौटा तो घर के बाहर बेहोश पड़ा मिला। पुलिस के आने पर उसने कहा कि उसने कीटनाशक की तीन गोलियां खा ली हैं।”
मऊरानीपुर थाना प्रभारी मुकेश कुमार सोलंकी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है, और पुलिस औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा, “अभी तक कोई लिखित आवेदन या आधिकारिक वीडियो नहीं मिला है। वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”