📰 B.Ed और D.El.Ed करने वालों के लिए नई गाइडलाइन! NCTE ने जारी किए अहम नियम
शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने साल 2025 से देशभर में B.Ed और D.El.Ed जैसे शिक्षक प्रशिक्षण कोर्सों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाना और भविष्य के शिक्षकों को अधिक प्रायोगिक और कुशल बनाना है।
अगर आप शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बदलावों को समझना अब बेहद जरूरी है।
🔸 एक साथ नहीं कर सकेंगे B.Ed और D.El.Ed कोर्स
NCTE के नए नियमों के अनुसार अब कोई भी विद्यार्थी एक समय में दो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स (जैसे B.Ed और D.El.Ed) एक साथ नहीं कर सकेगा।
पहले कई छात्र समय बचाने के लिए दोनों कोर्स साथ करते थे, लेकिन इससे पढ़ाई और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर असर पड़ता था।
अब प्रत्येक छात्र को एक समय में केवल एक कोर्स पूरा करना होगा, ताकि वह एक सक्षम और प्रभावी शिक्षक के रूप में तैयार हो सके।
🔸 अब छह महीने की स्कूल इंटर्नशिप होगी अनिवार्य
नए दिशा-निर्देशों के तहत अब B.Ed और D.El.Ed दोनों कोर्सों में कम से कम छह महीने की स्कूल इंटर्नशिप जरूरी कर दी गई है।
इस अवधि में विद्यार्थी को वास्तविक स्कूल माहौल में बच्चों को पढ़ाने का अनुभव मिलेगा।
पहले यह अवधि काफी कम होती थी, जिससे छात्रों को व्यावहारिक शिक्षण अनुभव नहीं मिल पाता था।
यह बदलाव शिक्षकों की प्रैक्टिकल स्किल और आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा।
🔸 केवल NCTE मान्यता प्राप्त संस्थानों की डिग्री होगी मान्य
NCTE ने स्पष्ट किया है कि अब केवल उन्हीं संस्थानों से ली गई B.Ed या D.El.Ed डिग्री मान्य होगी, जिन्हें परिषद से आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।
कई निजी संस्थान बिना मान्यता के कोर्स चला रहे थे, लेकिन अब ऐसी डिग्रियां किसी भी सरकारी या निजी नौकरी में अमान्य मानी जाएंगी।
इसलिए छात्र किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की जांच अवश्य करें।
🔸 ऑनलाइन पढ़ाई पर सख्ती — प्रैक्टिकल क्लास केवल ऑफलाइन
NCTE ने साफ कर दिया है कि शिक्षक प्रशिक्षण जैसे व्यावसायिक कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन नहीं होंगे।
अब केवल थ्योरी का सीमित हिस्सा ऑनलाइन पढ़ाया जा सकेगा, जबकि इंटर्नशिप, प्रैक्टिकल और ट्रेनिंग क्लासेस अनिवार्य रूप से ऑफलाइन होंगी।
इसका उद्देश्य है कि शिक्षक बनने वाले छात्रों को वास्तविक शिक्षण अनुभव मिल सके, जो केवल ऑफलाइन माध्यम से संभव है।
🔸 छात्रों को चेतावनी — फर्जी संस्थानों से रहें सतर्क
NCTE ने छात्रों को चेताया है कि किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता, कोर्स अवधि, फीस संरचना और इंटर्नशिप की जानकारी अवश्य जांचें।
फर्जी या शॉर्टकट कोर्स में दाखिला लेने से न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि शिक्षक बनने का सपना भी अधूरा रह सकता है।
परिषद ने दोहराया है कि बिना मान्यता वाले संस्थानों से ली गई डिग्री को अवैध माना जाएगा।