i20 कार के मालिक की हुई पहचान, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

लाल किले के पास कार में धमाका, 10 की मौत, 24 से अधिक घायल; एनआईए कर रही जांच

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम करीब सात बजे एक कार में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के साथ ही आसपास खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। एनआईए की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर को हाई अलर्ट पर रखा है।

धमाके वाली कार की कई बार बिक्री, पुलवामा से जुड़े संदिग्ध तार
धमाके में इस्तेमाल हुई कार (नंबर HR-26-CE-7674) गुरुग्राम निवासी सलमान के नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस ने सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि कार उसने ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी थी। बाद में देवेंद्र ने इसे अंबाला में किसी तीसरे व्यक्ति को बेचा, जहां से यह पुलवामा निवासी तारिक के पास पहुंची। गौरतलब है कि 2019 में पुलवामा में आतंकियों ने इसी तरह वाहन में विस्फोटक भरकर हमला किया था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।

UAPA और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस विस्फोट के संबंध में कोतवाली थाने में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 सहित विस्फोटक अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीएम रेखा गुप्ता ने जताया शोक, घायलों से की मुलाकात
घटना में घायल लोगों को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कई की हालत गंभीर बनी हुई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।
सीएम गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा, “लाल किले के पास हुई कार विस्फोट की घटना अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों। प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता की जा रही है। दिल्ली पुलिस, एनएसजी, एनआईए और एफएसएल की टीमें मिलकर गहन जांच में जुटी हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।”

FSL टीम कर रही तकनीकी जांच
एफएसएल अधिकारी मोहम्मद वाहिद ने बताया कि विस्फोट स्थल से सैंपल इकट्ठा कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। उन्होंने कहा, “जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विस्फोट में किस प्रकार के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।”