सपा नेता और पूनम पंडित के मंगेतर पर रेप व ब्लैकमेल के गंभीर आरोप, अश्लील फोटो-वीडियो किए रिकॉर्ड

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के युवा नेता दीपक गिरी और कांग्रेस की चर्चित नेता पूनम पंडित की सगाई के बाद विवादों का सिलसिला शुरू हो गया है। दीपक की एक कथित पूर्व प्रेमिका ने उन पर बलात्कार, ब्लैकमेल और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पूनम पंडित ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया है।

महिला का कहना है कि साल 2018 में फेसबुक पर दोस्ती के जरिए दोनों की पहचान हुई थी। इसके बाद गंगानगर में एक घर पर मुलाकात के दौरान दीपक ने कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ जबरदस्ती की, और फोटो व वीडियो बनाए। आरोप है कि इन्हीं सामग्रियों के ज़रिए उसे बार-बार ब्लैकमेल कर शारीरिक और आर्थिक शोषण किया गया तथा 40–50 लाख रुपये तक वसूले गए।

महिला ने यह भी दावा किया कि जून 2021 में आर्य समाज मंदिर में दिखावे की शादी कराई गई। उसके अनुसार, दीपक ने उसके एटीएम कार्ड से पिता के खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए, फोन छीनकर बंधक बनाया, और पति से तलाक देने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि उसने इसके सबूत जांच एजेंसियों को सौंप दिए हैं।

दीपक और पूनम की 15 अक्टूबर को सगाई की खबर सामने आने के बाद महिला ने 26 अक्टूबर को भावनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस एफआईआर में दीपक, उनके पिता कृष्णपाल, भाइयों कुलदीप और प्रदीप, और पूनम पंडित के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग, धमकी और आर्थिक शोषण के आरोप शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने ऑडियो क्लिप और बैंक ट्रांजैक्शन के दस्तावेज़ भी पुलिस को सौंपे हैं।

इस पूरे मामले पर पूनम पंडित ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह झूठी कहानी है और शिकायतकर्ता मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसे इलाज की जरूरत है।
पुलिस ने केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। सभी पक्षों के बयान और सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।
विवाद बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी ने दीपक गिरी को मेरठ युवजन सभा के जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया है, जबकि स्थानीय राजनीतिक संगठनों में भी इस प्रकरण को लेकर हलचल तेज हो गई है।