Ola Electric Share News: आसमान से जमीन तक का सफर, शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर

भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी Ola Electric के शेयर इन दिनों निवेशकों के लिए सिरदर्द बन गए हैं. जो कंपनी कभी EV सेक्टर की पोस्टर चाइल्ड मानी जाती थी, वह आज ऑल-टाइम लो पर ट्रेड कर रही है. ₹34-36 के आसपास घूम रहा शेयर प्राइस बता रहा है कि कुछ गंभीर समस्याएं हैं, और वे सिर्फ मार्केट की चाल नहीं हैं.

70% की गिरावट: क्या हुआ?

नवंबर 2025 में कंपनी की बिक्री 70% गिरकर 36 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई, जो किसी भी कंपनी के लिए खतरे की घंटी है. जो Ola Electric कभी भारत में 50% मार्केट शेयर के साथ राज कर रही थी, वह अब 19.6% मार्केट शेयर तक सिमट गई है. TVS Motor, Bajaj Auto, Ather Energy और Hero MotoCorp जैसी कंपनियों ने Ola को पीछे छोड़ दिया है.

शेयर का प्रदर्शन और भी चौंकाने वाला है – 52 हफ्ते के हाई ₹100.40 से गिरकर ₹33.20 के लो तक पहुंच गया. यानी निवेशकों को 60% से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. IPO में जिन्होंने पैसा लगाया था, वे आज अपना सिर पीट रहे हैं.

असली दिक्कतें कहां हैं?

समस्या सिर्फ सेल्स फिगर्स में नहीं है. कंपनी की बड़ी चुनौती after-sales सर्विस की खराब स्थिति रही है. ग्राहक शिकायतों का अंबार लगा हुआ है और कंपनी ने अब सर्विस रीबूट शुरू किया है ताकि इस मुद्दे से निपटा जा सके. लेकिन सवाल यह है कि जब नुकसान हो चुका, तब जागना कितना फायदेमंद होगा?

दूसरी ओर, SoftBank जैसे बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जो साफ संकेत देता है कि बड़े खिलाड़ियों का भी भरोसा डगमगा रहा है. जब आपके सबसे बड़े समर्थक ही शेयर बेचने लगें, तो आम निवेशक को क्या उम्मीद रखनी चाहिए?

क्या कोई उम्मीद की किरण है?

हां, कंपनी कुछ सकारात्मक कदम भी उठा रही है. Ola ने अपनी 4680 Bharat Cell बैटरी से लैस S1 Pro+ की डिलीवरी शुरू की है, जो in-house बनाई गई है. यह भारत में पहली बार है जब कोई कंपनी सेल्स से लेकर बैटरी तक सब कुछ खुद मैन्युफैक्चर कर रही है.

कंपनी ने Hyperservice प्लेटफॉर्म को ओपन कर दिया है, जिससे अब स्वतंत्र गैरेज और मैकेनिक भी Ola के जेन्युइन पार्ट्स और डायग्नोस्टिक टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह कदम सर्विस इश्यू को हल करने की दिशा में अच्छा है.

इसके अलावा, कंपनी ने Ola Shakti नाम से घरेलू एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लॉन्च किया है, जो एक नई रेवेन्यू स्ट्रीम बन सकती है.

निवेशकों के लिए क्या संदेश?

एनालिस्ट्स का कंसेंसस टारगेट 24.6% की अपसाइड पोटेंशियल दिखा रहा है, लेकिन यह उस वक्त है जब शेयर पहले ही 60% गिर चुका है. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप ₹15,221 करोड़ के आसपास है, लेकिन रास्ता अभी लंबा और चुनौतीपूर्ण है.

Ola Electric की कहानी यह सिखाती है कि टेक्नोलॉजी और वर्टिकल इंटीग्रेशन काफी नहीं है. ग्राहक संतुष्टि, क्वालिटी कंट्रोल और मार्केट एक्जीक्यूशन उतने ही जरूरी हैं. अगर कंपनी अपने सर्विस नेटवर्क को दुरुस्त कर ले और ग्राहकों का भरोसा वापस जीत ले, तो शायद comeback संभव है. लेकिन फिलहाल निवेशकों को बेहद सावधानी से आगे बढ़ना होगा.