पटना: विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद इंडिया गठबंधन के दो बड़े दल—कांग्रेस और RJD—अब संगठनात्मक सख्ती के मूड में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने सात बागी नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। वहीं, RJD ने उन 32 लोकगायकों और यूट्यूबर्स को कानूनी नोटिस भेजा है, जिनके वायरल गानों को पार्टी अपनी हार का अहम कारण बता रही है।
कांग्रेस की प्रदेश अनुशासन समिति ने जिन नेताओं पर गाज गिराई है उनमें सेवादल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य पासवान, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शकीलुर रहमान, किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राजन, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष कुंदन गुप्ता, बांका जिला अध्यक्ष कंचना कुमारी और नालंदा के नेता रवि गोल्डेन शामिल हैं।
इन पर आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान इन्होंने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिए, भ्रामक पोस्ट किए और अनुशासनहीनता दिखाई।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि यह कदम बताता है कि पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।
उधर RJD ने उन यूट्यूब चैनलों और गायकों पर निशाना साधा है जिनके चुनावी सीजन में वायरल गाने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे थे। RJD ने 32 लोगों को नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर यह बताने को कहा है कि उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों न चले।
पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव का कहना है कि चुनाव से पहले जानबूझकर ऐसे गाने रिलीज किए गए जिनमें RJD को जंगलराज और रंगदारी से जोड़कर पेश किया गया—यह “पूरी तरह साजिश” थी।
चुनाव के दौरान कैमूर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंच से एक वायरल गाने की लाइन दोहराई थी—“आएगी भइया की सरकार, बनेंगे रंगदार… मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में।” इसके बाद ये गाने सोशल मीडिया पर और ज्यादा फैल गए और पार्टी के अनुसार ग्रामीण इलाकों में उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
इस कार्रवाई पर BJP ने RJD को घेरा। पार्टी नेता रितु जायसवाल ने कहा, “जो अपनी पार्टी के 6 बागी विधायकों की सदस्यता तक रद्द नहीं करा पाए, वे अब यूट्यूबर्स को कोर्ट में घसीटने की बात कर रहे हैं। असली समस्या सीट बंटवारे में थी, उसका दोष अब गायकों पर डाल रहे हैं।”
फिलहाल दोनों पार्टियों में बागियों और आलोचकों के खिलाफ कार्रवाई का दौर जारी है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में और नाम लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। हार के बाद महागठबंधन का यह ‘ऑपरेशन क्लीन’ कितना सफल होगा, यह आगे तय करेगा।